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स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ही साकार होगा ‘आत्मनिर्भरता’ एवं ‘स्वावलंबन’ का स्वप्न

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सहकार भारती की ‘स्वयं सहायता समूह उन्नयन कार्यशाला’ में बोले सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर
स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण की आवश्यकता, जिसे पूरा करने का काम कर रही है सहकार भारती : राठौर

गुरुवार, 10 नवम्बर लखनऊ । स्वयं सहायता समूह में कार्य करने वाली महिलाओं में संघर्ष का जुनून है, उनके जज्बे को प्रणाम है। योजनाओं के क्रियान्वयन में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है, राशन कार्ड महिलाओं के नाम से बन रहे हैं। अगर खतौनी पुरुषों के नाम है तो घरौनी महिलाओं के नाम है। महिलाएं जागृत एवं शिक्षित होकर परिवार चलाने का बीड़ा उठा लिया तो उसे कोई रोक नहीं सकता है। समाज भले ही जाति के नाम पर बंट जाता है, लेकिन महिलाएं नहीं बंटती, महिलाओं की कोई जाति नहीं है उनकी जाति सिर्फ महिला है। उक्त उद्गार सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने गुरुवार को व्यक्त किए। वह सहकार भारती, उत्तर प्रदेश के स्वयं सहायता समूह प्रकोष्ठ की ओर से सहकारिता भवन के चौधरी चरण सिंह सभागार में आयोजित उन्नयन कार्यशाला में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ही ‘आत्मनिर्भरता’ एवं ‘स्वावलंबन’ का स्वप्न साकार होगा। केंद्र एवं प्रदेश सरकार महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। स्वयं सहायता समूह के माध्यम से इतनी संख्या में माताएं-बहनें जुड़ रही हैं। यह इस बात का संदेश है कि देश को कोई ताकत आत्मनिर्भर बनाने से रोक नहीं सकती। निश्चित रूप से सहकारी संस्थाओं और स्वयं सहायता समूहों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। साहूकारों के चंगुल में फंसे किसानों को छुटकारा मिला है। स्वयं सहायता समूह को बैंकिंग से जोड़ना होगा। सहकारिता के क्षेत्र में अमूल-पराग जैसे बड़े उदाहरण हैं। स्वयं सहायता समूह को प्रशिक्षण की आवश्यकता है, जिसे सहकार भारती कर रही है। श्री राठौर ने आग्रह किया कि आप जज्बे से कार्य करें, प्रोडक्ट की क्वालिटी अच्छा रखें। आपको रुकना नहीं है, किसी जरूरत पर पूरी सरकार आपके साथ खड़ी है। उन्होंने स्वीकार किया कि स्वयं सहायता समूह को मार्केटिंग की आवश्यकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द सहकारिता विभाग मार्केटिंग एजेंसी बनाकर ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। जिससे समूहों के बने प्रोडक्ट की बेहतर मार्केटिंग की जा सके। सहकारिता विभाग एवं सहकारी संस्थाएं प्रदेश के सहायता समूह के लिए समर्पित हैं।

इससे पूर्व मंत्री जेपीएस राठौर ने सहकार भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीनानाथ ठाकुर, प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र उपाध्याय, प्रदेश महामंत्री डॉ. प्रवीण सिंह जादौन और प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय प्रमुख मधुबाला शाबू के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्य रूप से राष्ट्रीय सह प्रमुख राजेश शर्मा प्रदेश संगठन प्रमुख डॉ. अरुण कुमार सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष हीरेन्द्र मिश्र,
, प्रदेश महिला प्रमुख शारदा सिंह , प्रीति गुप्ता , डॉ वीणा गुप्ता, कोमल गुप्ता , मधुमिता विमला तिवारी , करुणा नागर ,अनुराधा श्रीवास्तव ,प्रीति मिश्रा , रजनी पांडे
प्रदेश संपर्क प्रमुख अशोक शुक्ल, प्रदेश मंत्री कृष्ण कुमार ओझा, प्रदेश कोषाध्यक्ष शिवेंद्र प्रताप सिंह, प्रदेश मीडिया प्रभारी विवेक राय, कार्यालय प्रमुख आदर्श श्रीवास्तव, कार्यालय प्रमुख सतीश दीक्षित, विपणन प्रमुख सुरेंद्र सिंह चौहान, लखनऊ महानगर अध्यक्ष पीयूष मिश्रा, लखनऊ महानगर महामंत्री संजय चौहान, संजय श्रीवास्तव, शिवपाल सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

सहकारी संस्था की आत्मा है सहकारी मूल्यों पर आधारित व्यवस्था
सहकार भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीनानाथ ठाकुर ने कहा कि सृजन ही आर्थिक शक्ति का आधार होता है। सहयोग एवं प्रोत्साहन के आधार पर ही सहकारिता के क्षेत्र में कार्य किया जा सकता है। यदि हम स्वयं सहायता समूह की बात करें तो सर्वप्रथम यह प्रश्न आता है कि हमारे प्रोडक्ट का बाजार कहां है? सहकारी संस्था की आत्मा सहकारी मूल्यों पर आधारित व्यवस्था है। भारत की सबसे बड़ी शक्ति जनशक्ति है। यदि इसे अच्छा नेतृत्व और दक्ष लोगों का साथ मिल जाए तो अर्थतंत्र मजबूत हो जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जो कुछ भी होता है तो उसका असर पूरे देश में होता है। हम हर गांव को सहकारी अर्थव्यवस्था वाला गांव बनाने का प्रयास करना चाहिए।

स्वयं सहायता समूह का प्रमुख लक्ष्य नेतृत्व क्षमता का विकास
प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र उपाध्याय ने कहा कि स्वयं सहायता समूह का प्रमुख लक्ष्य गरीब लोगों के बीच नेतृत्व क्षमता का विकास करना है। स्कूली शिक्षा में योगदान ग्रामीण भारत का सामाजिक आर्थिक विकास में योगदान, रोजगार उद्यमिता से गरीबी उन्मूलन में सहायक, स्वैच्छिक बचत एवं वित्तीय समावेशन को प्रोत्साहन, श्रम आधारित नए रोजगार सृजन करने वाले क्षेत्रों में बढ़ावा देने में प्रमुख रूप से सहायक है। स्वयं सहायता प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष मधुबाला शाबू ने कहा कि विगत कुछ वर्षों में देखा जाए तो सरकार व सहकार भारती जैसी सामाजिक संगठनों के माध्यम से इसमें महिलाएं बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही हैं, जिससे समाज में उनकी स्थिति में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। सहकार भारती पूरे प्रदेश में निरन्तर ऐसी कार्यशालाओं का आयोजन कर रही है जिससे समाज का आर्थिक उन्नयन हो सके।

स्वयं सहायता की धारणा पर भरोसा करते हैं स्वयं सहायता समूह
प्रदेश महामंत्री डॉ. प्रवीण सिंह जादौन ने कहा कि स्वयं सहायता समूह स्व-रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन को प्रोत्साहित करने के लिए स्वयं सहायता की धारणा पर भरोसा करता है। स्वयं सहायता समूह महिला सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम है। विकासशील देशों के लिए स्वयं सहायता समूह जमीनी स्तर पर जन सामान्य के आर्थिक सशक्तिकरण का एक प्रमुख माध्यम है। स्वयं सहायता प्रकोष्ठ की प्रदेश प्रमुख मीनाक्षी राय ने बताया कि सहकार भारती से जुड़े यह सभी स्वयं सहायता समूह विभिन्न जनपदों में उल्लेखनीय योगदान कर देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान कर रहे हैं।

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