Home न्यूज वन्दना के लोकगीतों व गरबा नृत्य ने मंत्र मुग्ध किया

वन्दना के लोकगीतों व गरबा नृत्य ने मंत्र मुग्ध किया

166
0

भारतीय नववर्ष मेला व चैती महोत्सव आठवीं संध्या 

लखनऊ, 9 अप्रैल 2022। तुलसी शोध संस्थान श्रीराम लीला समिति ऐशबाग के तत्वावधान और संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश के सहयोग से आजादी के अमृत महोत्सव के अन्तर्गत श्रीराम लीला मैदान में चल रहे भारतीय नववर्ष मेला व चैती महोत्सव 2022 की आठवीं संस्कृतिक संध्या मे वन्दना मिश्रा के लोकगीतों व गरबा नृत्य ने मंत्र मुग्ध किया।

संगीत से सजे कार्यक्रम का आरम्भ वन्दना मिश्रा ने अपनी सुमधुर आवाज में घर घर बाजत बधैया लोकगीत को सुनाकर श्रोताओं को मंत्र मुग्ध किया। इसी क्रम में वन्दना मिश्रा ने अपनी खनकती हुई आवांज में जन्मे अवध रघुराई कौशल्या, राम जी से पूछे जनकपुर की नारी, आओ आओ सखी टम मंगल जैसे अन्य लोकगीतों को सुनाकर श्रोताओं की असंख्य तालियां बटोरीं।

मन को मोह लेने वाली इस प्रस्तुति के पश्चात पंकज चौहान और सरिता चौहान के नृत्य निर्देशन में करण, अनुष्का, युवराज, शगुंया, मुकुल, तनु, जतिन, स्वधा, अतुल, राखी, आर्यन, अल्पना, संजय, वार्तिक और अनुज ने नारी शक्ति नृत्य नाटिका द्वारा बेटी बचवो बेटी पढाओ का संदेश दिया।

कार्यक्रम मे संदीप शर्मा एण्ड ग्रुप के कलाकारों ने हरियाणवी नृत्य व भास्कर नाट्य कला मंदिर कोलकता के कलाकारों ने देवी तुलसी नाटक की प्रस्तुति देकर तुलसी जी के महत्व से अवगत कराया। वर्व डांस स्टुडियो के कलाकारों ने विक्की राज के नृत्य निर्देशन में गुजराती नृत्य गरबा की मनोरम छटा बिखेरी।

मन को मोह लेने वाली इस प्रस्तुति के उपरान्त अन्नपूर्णा श्रीवास्तव ने अपनी सुमधुर आवाज में जगदंबा घर में दियना बार आइले देवी गीत से कर श्रोताओं को भगवती देवीदुर्गा की भक्ति के सागर में आकन्ठ डुबोया। इसी क्रम में अन्नपूर्णा ने बाजे शहनाई अवध नगरी, राम नाम सुखदाई और होरिया खेलें राम लला को सुनाकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया।

भक्ति भावना से परिपूर्ण इस प्रस्तुति के बाद आरती चौधरी ने अपनी खनकती हुई आवांज में एक राधा एक मीरा, श्याम तेरी बंसी, शिवनाथ तेरी महिमा और ए मेरे वतन के लोगों देशभक्ति गीत को सुनाकर श्रोताओं की तालियां बटोरीं। इसी क्रम में चन्द्रेश पान्डेय ने हमे निज धर्म पर चलना सिखाती रोज रामायण, राम नाम के हीरे मोती, सीता राम सीता राम सीता राम कहिए और ले चल अपनी नगरिया अवध बिहारी सांवरिया भजन को सुनाकर श्रोताओं को भाव विभोर किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here