Home न्यूज लोगों की आस्था का केन्द्र है पौराणिक टेढ़ेश्वर महादेव मंदिर।

लोगों की आस्था का केन्द्र है पौराणिक टेढ़ेश्वर महादेव मंदिर।

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सनोज मिश्रा की रिपोर्ट

अटरिया सीतापुर। इलाके के जयपाल पुर स्थित ऐतिहासिक व पौराणिक टेढेश्वर महादेव मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र है लोगों का मानना है कि यहां पर सभी भक्तों की मुरादे देवाधिदेव भगवान भोलेनाथ अवश्य पूरी करते हैं मंदिर में दूर दराज से भक्त मंदिर आते हैं और मनवांछित फल पाते हैं श्रवण मास में यहां भक्तों की भारी भीड़ रहती है सीतापुर लखनऊ सीमा पर सटे इस मंदिर पर कई जिलों के लोगों आकर अपनी मुरादे पूरी करते हैं मंदिर में दूरदराज से भक्त आते हैं और मनवांछित फल पाते है और आकर यहां मत्था टेकते क्या है इस मंदिर का इतिहास यहां के बुजुर्ग का कहना है कि इस स्थान पर पहले जंगल हुआ करता था मान्यता है कि मुगल शासक महमूद गजनवी ने अपने शासनकाल में यहां आया था उस समय लोगों की शिवलिंग की पूजा की जा रही थी प्राचीन समय में यह मंदिर नहीं था सिर्फ जमीन के अंदर से निकला हुआ शिवलिंग ही था बताते हैं कि महमूद गजनवी ने शिवलिंग की मूर्ति को तुड़वाने का प्रयास किया यहां बताते हैं उनके सैनिक शिवलिंग तोड़ने में असफल रहे तब शासक ने शिवलिंग को लोहे की जंजीरों से बांधकर हाथी से खिंचवाने का प्रयास किया लेकिन शिवलिंग नहीं टूटी बताते हैं कि खींचतान में शिवलिंग टेढ़ी हो गई जिससे इनका नाम टेढेश्वर महादेव पड़ गया 90 वर्षीय बुजुर्ग चंद्रभालपांडे ने बताया 300 वर्ष पूर्व राजा हरिहर बॉक्स के पिता ने करवाया था इस प्राचीन मंदिर का इस मंदिर जानकारी बुजुर्ग 88 वर्षीय रोहन यादव पंडित राम दुलारे शुक्ला द्वारा बताया गया कि कभी वहां जंगल हुआ करता था चरवाहे गाय चराते थे कभी-कभी एक गाय वहां जाकर उस मूर्ति के स्थान पर खड़ी होकर अपना दूध बहाने लगती थी तभी चरवाहे देखकर यह बात ग्रामीणों को बताएं तब 1947 में वहां पर भागवत कथा आरंभ हुई तब से भागवत कथा हर वर्ष होती है लोग यह भी बताते हैं कि वहां पर कोई साधु नहीं रुकता था टेढेश्वर महादेव के स्थान पर जो भी रुकता था उसे भोलेनाथ साक्षात दर्शन देते थे इसलिए डर के मारे कोई संत नहीं रुक पाते थे इस सच्चे दरबार 4 जनपदों से लोग आकर पूजा पाठ करने लगे हैं। ग्रामीणों से जानकारी कर गोवर्धन यादव नीलम प्रधान अनिल सिंह अजय सिंह आदि लोगों से जानकारी प्राप्त की गई

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