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माघ पूर्णिमा पर 40 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई पुण्य की डुबकी

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प्रयागराज के संगम तट पर लगे माघ मेले में का पांचवा स्नान पर्व सकुशल संपन्न

माघ मेले में योगी सरकार की तरफ से हुई नव्य व्यवस्था से भाव -विभोर होकर कल्पवासी हुए विदा

24 फरवरी, प्रयागराज । प्रयागराज के त्रिवेणी के तट में लगे आस्था के सबसे बड़े समागम माघ मेले के पांचवे स्नान पर्व माघी पूर्णिमा पर 40 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगाई है। महाकुम्भ -2025 के आयोजन के रिहर्सल के रूप में आयोजित किये जा रहे इस माघ मेले को भव्य और नव्य स्वरूप देने के लिए योगी सरकार द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कई नए कदम उठाए गए थे जिन्हे यहां पर अमल में लाया गया ।

40 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
संगम तट पर लगे माघ मेले के माघी पूर्णिमा स्नान पर्व पर आस्था का जन सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही संगम में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं का सिलसिला शुरू हो गया जो पुण्य काल में शाम तक चलता रहा । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक माघ मेला राजीव रंजन मिश्रा के मुताबिक़ इस स्नान पर्व पर 40 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में पुण्य की डुबकी लगाई है। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए योगी सरकार के निर्देश पर 786 हेक्टेयर में बसाए गए इस माघ मेले में स्नान के लिए 12 स्नान घाट बनाए जिसमे 6 हजार फीट का रनिंग इलाका स्नान के लिए रखा गया था ।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके दृष्टिगत सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने मेला क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर सभी आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करायी। माघ मेला क्षेत्र में साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने हेतु सफाई कर्मियों की पर्याप्त संख्या में ड्यूटी लगायी गयी है। माघ मेला क्षेत्र में 21 हजार से अधिक शौचालय बनाए गए।
श्रद्धालुओं को मेले में भटकना न पड़े, इसके लिए संगम जाने का मार्ग वापस लौटने का मार्ग व अन्य मार्गों को प्रदर्शित करते हुए साइन बोर्ड रास्तों पर लगाये गये है। मेला क्षेत्र में आवागमन के लिए 6 पांटून पुल बनाए गए हैं। संगम से पास ही पार्किंग की व्यवस्था की गई थी जिससे श्रद्धालुओं को अधिक पैदल न चलना पड़े। माघ मेला क्षेत्र में 36 वाटर एटीएम लगाए गए है साथ ही माघ मेला क्षेत्र में 2000 बेड की टेंट सिटी भी श्रद्धालुओ के ठहरने के लिए बनाई गई । भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया गया। संपूर्ण मेला क्षेत्र में 4000 के आसपास पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं ।

एक महीने का कल्पवास पूर्ण कर वापस हुए कल्पवासी
माघ मेला क्षेत्र में आज सुबह से ही आस्था, ज्ञान और भक्ति की त्रिवेणी बह रही थी । त्रिवेणी के पावन तट पर मुक्ति और पुण्य की कामना के लिए 1 महीने तक तंबुओं में रहकर कल्पवास करने वाले कल्पवासियों के कल्पवास का भी समापन हो गया। तंबुओं की इस नगरी में रह रहे दो लाख से अधिक कल्पवासियों का यह अंतिम स्नान पर्व था। गंगा स्नान के बाद पूजा अर्चना और दान की प्रक्रिया पूर्ण कर ये कल्पवासी अपने अपने घरों के माघ मेला क्षेत्र से विदा हो गए । सीधी मध्य प्रदेश से कल्पवास करने आए सूरजभान शुक्ल का कहना है कि का कहना है कि योगी सरकार की तरफ से इस बार कल्पवासियों के तंबुओं में स्वच्छता को लेकर जो व्यवस्था की गई थी वह प्रशंसनीय है। कल्पवासियों को गंगा के तटों के पास ही इस बार बसाया गया जिसकी वजह से इन बुजुर्ग श्रद्धालुओं को गंगा स्नान में भी कोई दिक्कत नहीं आई। लगातार 11 साल से माघ मेले में कल्पवास करने आ रहे जौनपुर के रामशरण तिवारी का कहना है गंगा जी के किनारे ही इस बार उन्हें कल्पवास के लिए शिविर लगाने की सुविधा प्रदान की गई जिससे उन्हें दिक्कतें सामने नहीं आई।

मेले में एडीजी जोन भानु भास्कर, मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस आयुक्त रमित शर्मा, पुलिस महानिरीक्षक श प्रेम कुमार गौतम, कुम्भ मेलाधिकारी विजय किरण आनन्द, पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक माघ मेला डॉ. राजीव नारायण मिश्र, जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल, प्रभारी अधिकारी माघ मेला दयानन्द प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी निरंतर भ्रमणशील रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। इससे पूर्णिमा का स्नान पर्व सकुशल एवं निर्विघ्न रूप से सम्पन्न हुआ।

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