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बाल विकास, पुष्टाहार व महिला कल्याण मंत्री बेबीरानी मौर्य ने किया अक्षय पात्र किचन का अवलोकन

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लखनऊ। बाल विकास, पुष्टाहार व महिला कल्याण मंत्री बेबीरानी मौर्य ने अक्षय पात्र किचन का अवलोकन किया। अक्षय पात्र फाउंडेशन वाराणसी के प्रबंधक राहुल कुमार झा ने मंत्री श्रीमती मौर्य को किचन का अवलोकन कराया।
अक्षय पात्र किचन का निरीक्षण कर साफ-सफाई सहित सभी व्यवस्थाओं की मंत्री श्रीमती मौर्य ने सराहना की। इसी वर्ष जुलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने वाराणसी अक्षय पात्र किचन का शुभारंभ किया था। अक्षय पात्र किचन के अवलोकन के बाद मंत्री बेबीरानी मौर्य ने अक्षय पात्र किचन के उज्जवल भविष्य की कामना की।
वाराणसी में एल टी कॉलेज परिसर स्थित अक्षयपात्र फाउंडेशन के किचन का आज मंत्री ने अवलोकन किया। इस दौरान अक्षय पात्र फाउंडेशन के प्रबंधक राहुल कुमार झा ने मंत्री श्रीमती मौर्य के साथ सुधाकर शरण पांडे जिला प्रोबेशन अधिकारी वाराणसी, आर एन सिंह सी.डी.पी.ओ पिंडरा, मिड डे मील प्रभारी आशीष बारी आदि को केंद्रीकृत किचन की कार्यप्रणाली जैसे रोटी बनाने की प्रक्रिया, सब्जी बनाने की प्रक्रिया, चावल धोने की प्रक्रिया और वितरण करने की प्रक्रिया को बताया, जिसके बाद उन्होंने सफाई व्यवस्था और खाना बनाने के तरीके की तारीफ करते हुए सभी व्यवस्थाओं को बेहतर बताया। मंत्री जी ने किचन का अवलोकन करने के बाद कहा कि अक्षयपात्र का कार्य सराहनीय है। स्कूली बच्चों के लिए जो खाना तैयार किया जाता है वो स्वच्छ और पौष्टिक होता है। किचन अवलोकन के दौरान किचन की साफ सफाई, व्यवस्था संपूर्ण टीम और प्रबंधन की सराहना की। उन्होंने इस सेवा कार्य के लिए अक्षयपात्र का धन्यवाद ज्ञापित किया। अवलोकन कार्यक्रम के बाद मंत्री जी का अक्षयपात्र फाउंडेशन के प्रबंधक राहुल कुमार झा द्वारा सम्मान किया गया।
अक्षय पात्र फाउंडेशन भारत की एक अशासकीय संस्था है जो देश के 14 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के 19,039 स्कूलों के 1.8 मिलियन से अधिक बच्चों को हर स्कूल दिन में पौष्टिक भोजन परोस रहा है। अक्षय पात्र फाउंडेशन दुनिया का सबसे बड़ा गैर-लाभकारी मिड-डे मील कार्यक्रम वर्ष 2000 से चला रहा है। इसका मुख्यालय बेंगलुरु में है। वर्तमान में आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, कर्नाटक, उड़ीसा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना व उत्तर प्रदेश आदि राज्यो में अक्षय पात्र किचन स्थापित है।
यह संगठन सरकारी स्कूलों और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में मिड-डे मील योजना को लागू करके कक्षा की भूख को खत्म करने का प्रयास करता है। साथ ही, अक्षय पात्र का उद्देश्य कुपोषण का मुकाबला करना और सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित बच्चों की शिक्षा के अधिकार का समर्थन करना भी है।
वर्ष 2000 से अक्षय पात्र हर एक स्कूल के दिन बच्चों को ताजा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कर रहा है। उत्तर प्रदेश में लखनऊ, मथुरा व गोरखपुर में भी अक्षय पात्र का किचन काम कर रहा है। लखनऊ में जहां 1472 स्कूलों के करीब सवा लाख बच्चों को भोजन दिया जा रहा है वहीं मथुरा में भी दो हजार स्कूलों के करीब सवा लाख बच्चों को दोपहर का पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। गोरखपुर में भी बच्चों को दोपहर का पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है। अक्षय पात्र अपनी पहुंच को बढ़ाने का भी लगातार प्रयास कर रहा है। अक्षय पात्र का सोचना है कि भूख से कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। अक्षय पात्र फाउंडेशन वर्ष 2000 में मात्र 15 सौ बच्चों से यह सेवा शुरू किया था जो आज 1.8 मिलियन हो गया है।

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