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नृत्य नाटिका संग बॉलीवुड गीतों व नृत्य का तड़का 

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भारत महोत्सव नवीं सांस्कृतिक संध्या

लखनऊ , 8 दिसम्बर 2022। सम्पूर्ण भारत के कला संस्कृति के प्रतीक कांशीराम स्मृति उपवन आशियाना लखनऊ में प्रगति पर्यावरण संरक्षण ट्रस्ट के तत्वावधान में चल रहे भारत हस्तशिल्प महोत्सव 2022 की नवीं सांस्कृतिक संध्या में नृत्य नाटिका संग बॉलीवुड नृत्य का तड़का लगा ।

इसके पूर्व कार्यक्रम का उद्घाटन प्रगति पर्यावरण संरक्षण ट्रस्ट के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह और उपाध्यक्ष नरेंद्र बहादुर सिंह ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर पवन कुमार पाल, प्रिया पाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों के अलावा तमाम दर्शक उपास्थित थे।

भारत हस्तशिल्प महोत्सव की नवीं सांस्कृतिक सन्ध्या का शुभारम्भ महिला सशक्तीकरण पर आधारित नृत्य नाटिका से हुआ। अर्चना शर्मा के नृत्य निर्देशन में ओ री चिरैया गीत पर प्रगति, पल्लवी शर्मा, खुशी, बुसरा, सुर्यांश, आरती, नाइदा और मुस्कान ने भावपूर्ण अभिनय युक्त नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश देने के साथ नारी का सम्मान करने पर बल दिया। इसी क्रम में स्वास्तिक भारद्वाज ने अपनी खनकती हुई आवाज में सोचेंगे तुम्हे प्यार करें की नही एवं बिजुरिया बिजुरिया गीत को सुना कर श्रोताओं को झुमाया।

मन को मोह लेने वाली इस प्रस्तुति के उपरान्त ध्रुव शुक्ला के निर्देशन में प्रगन्या, तनिष्का, उन्नति, वैष्णवी, शौर्य, द्रुति, शीजा, मान्या, लावण्या, रुद्र, दक्षिता, अर्जुन, श्रद्धा, नीलांशी, रीता, आरुषी, शिवा और आरव ने ओ देश मेरे पर समूह नृत्य प्रस्तुत कर लोगों में देशप्रेम की भावना जागृत की।

देश भक्ति से ओतप्रोत इस प्रस्तुति के बाद ज्योति के नृत्य निर्देशन में वृंदा, परिधि, हरनूर, अनाया, आदया और दृति ने ताल से ताल मिला गीत पर नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को अपने साथ खूब नचाया। इसी क्रम में गौरांगी, वैष्णवी, ऐशानी, रियांशी, अंशिका और हरनिथ ने कमरिया गीत पर बॉलीवुड नृत्य की मनोरम छटा बिखेरी।

मन को मोह लेने वाली इस प्रस्तुति के उपरान्त अल्पना महरोत्रा ने अपनी खनकती हुई आवाज में अवधी लोकगीत बिन्दीया का रंग उड़ा जाए, सैयां मिले लरकैयां मै का करूं, माने न पायलिया शोर करे और हमरी अटरिया पे आ जा रे सांवरिया को सुनाकर श्रोताओं को मंत्र मुग्ध किया। इस अवसर पर गुंजित ने अपनी सुमधुर आवाज में गजलों की सुरभि से श्रोताओं को सुरभित किया।

इस मौके पर नवोदय साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था एवं भिक्षुक साहित्यिक संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कवि सम्मेलन में उमेश प्रकाश, राम शंकर वर्मा, दीप चंद्र गुप्ता, डॉ अजय प्रसून, हिमांशु सक्सेना, अतीक कासगंजी, तेज नारायण श्रीवास्तव, सर्वर लखनवी सहित अन्य कवियों ने अपनी बानगी पेश की। कार्यकम का संचालन सम्पूर्ण शुक्ला और अरविन्द सक्सेना ने किया।

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