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‘ एक बन्द के गीत ‘ गीतों के क्षेत्र में नया प्रकाशपुंज : राम नरेश

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एक बन्द के गीत ‘ पुस्तक लोकार्पण समारोह
लखनऊ, 23 जून 2024 | साहित्यिक संस्था अमृतायन के तत्वावधान में आज यूपी प्रेस क्लब में गीतकार एवं साहित्यकार डॉ. अशोक अज्ञानी के गीत संग्रह ‘ एक बन्द के गीत ‘ पुस्तक के लोकार्पण समारोह का आयोजन किया गया।
समारोह में मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार डॉ राम नरेश, विशिष्ठ अतिथि साहित्यकार पंडित आदित्य द्विवेदी, रमा शंकर वर्मा, डॉ सर्वेश अस्थाना, राजेन्द्र वर्मा और दिनेश उन्नावी ने गीतकार डॉ अशोक अज्ञानी के गीत संग्रह पुस्तक ‘ एक बन्द के गीत ‘ का लोकार्पण किया।
पुष्पेन्द्र प्रेमी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वन्दना के पश्चात डॉ सर्वेश अस्थाना ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि हिन्दी साहित्य में अनेक नवीन शोध और प्रकाशन होते रहते हैं। अज्ञानी जी की कई नई विधायें प्रकाश में आयी हैं। एक बन्द के गीत कृति मील का पत्थर साबित होगी। साहित्यकार दिनेश उन्नावी ने कहा कि आज का आदमी कम समय में अधिक प्राप्त करना चाहता है। इस दृष्टि से ‘ एक बन्द के गीत ‘ सर्वथा समीचीन रहेगी।
मुख्य अतिथि प्राचार्य डॉ. राम नरेश ने कहा कि अशोक अज्ञानी द्वारा लिखित ‘ एक बन्द के गीत ‘ संग्रह गीतों के क्षेत्र में एक नया प्रकाशपुंज है। इस नये आयाम को समाज में स्वीकृति मिलेगी। मुख्य वक्ता रामशंकर वर्मा ने बताया कि ” एक बन्द के गीत’ पुस्तक का हर गीत गीतात्मक संवेदना का माइक्रो स्वल्य है। अज्ञानी की यह पहल नवोन्मेशी है।
विशिष्ट अतिथि पं. आदित्य द्विवेदी ने कहा कि अशोक अज्ञानी साहित्य के सच्चे साधक हैं, उनकी यह साधना उन्हें उच्च सोपानों पर स्थापित करेगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार राजेन्द्र वर्मा ने कहा कि ‘ एक बन्द के गीत ‘ का प्रकाशन, गीत के क्षेत्र में एक अभिनव प्रयोग है।
समारोह में लोक‌गायिका डॉ. रंजना अग्रहरि ने ‘ एक बन्द के गीत ‘ का सस्वर वाचन किया। इस अवसर पर यशोधरा यादव, निशा सिंह सहित तमाम साहित्यसुधी श्रोता उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन राजेन्द्र विश्वकर्मा हरिहर ने किया।

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